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बुधवार, 24 नवंबर 2010

एक युद्ध की तैयारी - भारत आने के लिए !!

 

बच्चों के साथ यात्रा करना भी युद्ध पर जाने से कम नहीं,  उनकी तमाम फरमाईशों पर गौर फरमाने के साथ जो पेकिंग हो रही है उसको यथावत रखने का संघर्ष भी अनवरत करते रहना पडता है,  उसके बाद उनकी अति प्रसन्न वाली मुद्रा को शांत करने की कला में भी पारंगत होना पडता हैं -  अति उत्साह में अनगिनत प्रश्न और अनगिनत आकांक्षाएं !  बस एक बार उनको बता दिया कार्यक्रम के बारे में तो उनको लगता है कि समय को फेर कर गंतव्य समय को वर्तमान में मोड दिया जाये ! ऐसे में खुद की तैयारियां और जरूरी काम तो बस जैसे युद्ध में पैदल सेना को टैकल करना हो बस !

air travel

बच्चों की संख्या एक से अधिक है तो तुलनात्मक वस्तुओं से बच्चों में उपने खीजपन को भी संयमित करने का गुण सीखना पड़ेगा नहीं तो आप अभिमन्यु की तरह खीज गलियों के चक्रव्यूह में घुमड़ते रहोगे !  इस उत्साह को यहाँ के शिक्षक भी चार चाँद लगा देते हैं ये बोलकर कि वाह जाओ और मजे करो वत्स - यात्रा का वृतांत लिखना - बस यही तुम्हारी पढाई होगी  ! उनके अनुसार ये अमूल्य स्मृतियाँ मानसपटल पर हमेशा अंकित रहेंगी इसलिए ये तो पढाई से भी बढकर है - अब तो युद्ध में इन बच्चों को और भी शस्त्र मिल गए और हमेशा की तरह अपनी हार इन बच्चों के सामने अपेक्षित सी लगती है, जीतने का उपाय सोचना ही होगा क्यूंकि आगे १८-२० घंटे , रात दिन, सुईयों के साथ प्रथ्वी का ध्रुवीकरण भी परिवर्तित होगा और उससे उपजे जेट लेग रुपी विकार को भी झेलना होगा ! 

sky

खैर युद्ध की पूरी तैयारी कर ली गयी है, सारी बैटरियों को चार्ज कर लिया गया है,  सारे उपकरण मुस्तैद कर लिए गए हैं, विभिन्न खेलों से लेकर किताबों तक के पूरे इलेक्ट्रोनिक लश्कर के साथ हम भी युद्ध भूमि में उतरने तैयार हैं, पूरे रास्ते के रथों का इंतजाम हैं , कहीं सड़क खटोला तो कहीं उड़न खटोला तो कहीं पर प्रवीण (रेल) खटोले का इंतजाम है बस  देर सवार होने की है  !

जब ये लेख पढ़ा जा रहा होगा तब हम तो शिकागो के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बच्चों को सांत्वना दे रहे होंगे की बस थोडा सा इन्तजार और - बस उड़न खटोला लगने वाला है पार्किंग में , फिर बैठे और उड़े !  उन दो घंटो में भी हमें एक छद्म युद्ध ही लड़ना पड़ेगा,  अकेले में तो पहुँच गए एअरपोर्ट ३० मिनट पहले पर अब तो करीब २ घंटे पहले ही रवाना होना पडेगा और फिर वहाँ इन्तजार में बच्चे बेचारे कैसे जिज्ञासा को शांत रखें, मन में उद्वेलन है अपनों से मिलने का,  जेल से बाहर जाकर उनका भी स्वछन्द होकर, उमुक्त होकर आवारा होने का मन है !

airport-securityपिछले २-३ सालों में मैंने १ लाख मील से भी ज्यादा हवाई यात्रा की है, इस यात्रा में करीब १५ देश तय किये होंगे,  करीब ९० उड़न खटोले बदले होंगे और हजारों मील की सड़क नाप दी होगी !   सोचता हूँ अब पुराने दिनों को जब स्कूल के मैदान से या घर की छत से आकाश में उडता हवाई जहाज देखते थे तो मन करता था कि बस एक बार बैठ जाऊं इसमें, एक बार तो पिताजी ने पुरुष्कार के रूप में ग्वालियर से दिल्ली की हवाई यात्रा का प्रलोभन भी दिया था पर तब तक शायद यात्रा अपने आप ही संभव हो गयी थी , अब मन करता है कि कौन हवाई यात्रा के तामझाम में पड़े  - तब नहीं पता था कि १ घंटे की यात्रा के लिए एअरपोर्ट पहुँचने से लेकर और बाहर निकलने तक कितने तामझाम - सुरक्षा जांच इत्यादि के बोरिंग प्रोसेस से गुजरना पडता है - इसलिए तब एक बार की आकांक्षा वाला व्यक्ति अब हवाई यात्रा से बचने का कोई न कोई बहाना ढूँढता रहता है और उसे एक युद्ध समझता है - ये भी एक यात्रा  है !

AirportSecurity2

इस युद्ध के बाद १ महीने तक अमन और मस्ती का माहौल रहने वाला है - बस आनंद का इन्तजार है जो संतुष्टि और संतृप्ति देगा !! आप में से भी कई लोगों के दर्शन होंगे इसलिए भी इस यात्रा का रोमांच हावी है !!!

मिलते हैं ….

11 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

सुखद यात्रा के लिए शुभकामनाएँ..भारत मे आपका स्वागत है.

खुशदीप सहगल ने कहा…

सुस्वागतम शुभ स्वागतम...

जय हिंद...

'उदय' ने कहा…

... shubhakaamanaayen ... su-svaagatam ... !!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

घर जाने का आनन्द अवर्णनीय होता है, बच्चों के लिये भी, बड़ों के लिये भी। आपको ढूढ़कर मिलने का कार्यक्रम बन रहा है, बस थोड़ा भाग्य इठला जाये।
आपकी यात्रा मंगलमयी हो।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

शुभयात्रा ..... आपकी बात समझ सकती हूँ.... क्यूँकि बच्चो के साथ यात्रा करना.... :)

अनुपमा पाठक ने कहा…

शुभ यात्रा!!!

abhi ने कहा…

इतनी हवाई यात्रा..
अरे भईया हम तो गिन चुन के चढ़े हैं इस हवाई जहाज में :)

वैसे अच्छा किया जो युद्ध की तैयारी कर ली आपने...गुड :) :)

एंड

वेलकम...जल्दी :)

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

सही कहा, धीरज की परीक्षा बच्चों के साथ ही होती है। एंजॉय इंडिया! कब तक हो वहाँ?

Rahul Singh ने कहा…

आपकी यात्रा और प्रवास सुखद हो.

honesty project democracy ने कहा…

आशा है आप सपरिवार सकुशल घर पहुँच गए होंगे.....

Arvind Mishra ने कहा…

भारत में प्रत्यावर्तन पर अभिनन्दन ,स्वागत !