में अपने राज्य मद्य प्रदेश के बारे में पढ़ रहा था, जैसा की हम सब जानते है की शिवराज सिंह जी की सरकार ने राज्य में पिछली साल बड़े बहुमत से अपने विकास कार्यो के बल पर सत्ता में फिर से वापसी की थी। तो मेने सोचा की ज़रा देखू की क्या विकास यौजनाएं है जो मद्य प्रदेश को २१ वी सदी के राज्य के रूप में भारत का एक अद्वितीय राज्य बनाने की तरफ ले जायेंगी । इसमें कोई दो राय नही की दिग्गी राजा ने इस राज्य की हालत बहुत ख़राब कर दी थी पर मेरे को बीजेपी से बहुत आशा थी और उनकी निम्न लिखित योजनायें देखकर मेरे को लगा की चौहान साब अभी भी आदिकाल में ही जी रहे है। मेरे को उनकी एक भी योजना भविष्य के लिए दूरदर्शी परिणाम देने वाली नही लगी।

ये सब चुनावी वायदे ज्यादा लगते है और विकास के लिये उठाये गये सही कदम कम , अभी मे जब फरबरी मे छुट्टियां बिताने के लिये मोरेना आया था तो देखा और लोगो से बात की
तो पता लगा कि ये सब योजनायें जरुरत मन्द लोगो तक पहुन्च ही नही रही हैं. लड्कियो को सायकिल लेने के लिये अफसरो के , मास्टरों के चक्कर लगाने पडते हैं. कुल मिलाकर जमकर भ्रश्टाचार है. कास कि लाडली लक्ष्मी योजना की जगह अस्पतालो की हालत में सुधार किया जाता, जिससे जन्म के समय मां और बच्चे क स्वास्थ्य सही रहता और जन्म की नीव सही रहती पर मेरी बातें स्वास्थ्य मंत्री जी को मजाक लगेगीं.
गाँवों में अभी भी कभी बिजली नही आती और शहरों में उद्योग लगातार बंद हो रहे है, क्या यही कांग्रेस की सरकार को हटाने के बाद उम्मीद थी हमें अपने इस लाडले मुख्यमंत्री जी से ? गावो में अभी भी लोग स्वास्थ्य , सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओ के लिए मोहताज है , पुलिस अभी भी डर का अभिप्राय है न की सुरक्षा की मूरत। देशभक्ति और जनसेवा के नाम पर अभी भी करोडो की वसूली से केवल कुछ ही लोग अमीर हो रहे है, वो भी काबिल नही, सब के सब राजनीतिक गुंडे !

क्या ये हमारी सरकार का फर्ज नही बनता की ऐसी योजनायें उनके पास हो जिससे में अपने राज्य का नाम भी इन लिस्ट में देख सकू ? वो भी तब जब हमारे राज्य में किसी भी संसाधनों की कमी नही, प्रकृति ने क्या नही दिया ... नर्मदा की कलकल बहती धारा से लेकर चम्बल के अभ्यारण्य हो या फिर खजुराहो से लेकर भोपाल तक संस्कृतिक धरोहर हो।
आप मध्य प्रदेश सरकार की वेबसाइट http://www.mptourism.com/ ही देख लो जिस पर इन सब स्थलों के नाम है पर क्या कुछ ऐसा किया गया जिससे राज्य का नाम भी टूरिस्ट प्लेसेस में आता ?
ये सब चुनावी वायदे ज्यादा लगते है और विकास के लिये उठाये गये सही कदम कम , अभी मे जब फरबरी मे छुट्टियां बिताने के लिये मोरेना आया था तो देखा और लोगो से बात की
तो पता लगा कि ये सब योजनायें जरुरत मन्द लोगो तक पहुन्च ही नही रही हैं. लड्कियो को सायकिल लेने के लिये अफसरो के , मास्टरों के चक्कर लगाने पडते हैं. कुल मिलाकर जमकर भ्रश्टाचार है. कास कि लाडली लक्ष्मी योजना की जगह अस्पतालो की हालत में सुधार किया जाता, जिससे जन्म के समय मां और बच्चे क स्वास्थ्य सही रहता और जन्म की नीव सही रहती पर मेरी बातें स्वास्थ्य मंत्री जी को मजाक लगेगीं.गाँवों में अभी भी कभी बिजली नही आती और शहरों में उद्योग लगातार बंद हो रहे है, क्या यही कांग्रेस की सरकार को हटाने के बाद उम्मीद थी हमें अपने इस लाडले मुख्यमंत्री जी से ? गावो में अभी भी लोग स्वास्थ्य , सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओ के लिए मोहताज है , पुलिस अभी भी डर का अभिप्राय है न की सुरक्षा की मूरत। देशभक्ति और जनसेवा के नाम पर अभी भी करोडो की वसूली से केवल कुछ ही लोग अमीर हो रहे है, वो भी काबिल नही, सब के सब राजनीतिक गुंडे !
मेरे को indiastats वेबसाइट पर कुछ आंकड़े मिले , उनमें मेरे को मद्यप्रदेश कही नही दिखा, ये दो इमेज २१वि सदी के किसी भी राज्य (दुनिया में कही भी) की भविष्य और वर्तमान की झलक दिखलाती है -
क्या हमारे मुख्यमंत्री जी का लड़का बिना इन्टरनेट के रहता है , यदि नही तो क्या किया गया आम जनता के लड़को के लिए ?
क्या आपके बच्चे बिना बिजली के रहते है ? क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आप जाते है ? अगर ये सब आम आदमी को मिले तो वही आदर्श सरकार है, नही तो आप भी कांग्रेस से कम नही, आपको लाकर मेरे राज्य ने क्या पाया ? कुछ तो किया होता जिससे मद्य भारत के लोग भी देश के अन्य हिस्सों से प्रतिस्पर्धा कर पाते और हमेशा दिल्ली या अन्य बड़े महानगरो को भागने के बजाय अपने घरेलू शहर में ही किस्मत आजमाते। काश कोई तो करिश्माई अटल आए इस राज्य में भी।