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मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010
कई महीनों से चिली के खदान में फंसे लोग आज बाहर आ रहे हैं !! चलो दुआ करें !
रायटर पर इस समाचार की प्रतिक्रिया लोगों में कुछ इस तरह से थी -
"WELCOME BACK FROM HELL!!!!
no one human being should never get down to that hellhole, ever!"
"THE GLOBAL HEART IS TICKING AND WAITING FOR YOU ALL, GUYS!!!
WELCOME BACK TO THE LIGHT!"
यहाँ इनके बारे में और पड़ा जा सकता है ! इन लोगों को हम सब की प्रार्थनाओं की जरूरत है, आओ चलें इन सबके सकुशल बाहर आने के लिए ईश्वर से कामना करें !
और अभी अभी टीवी पर दिखाया जा रहा है की जल्दी ही प्रथम व्यक्ति बाहर आने वाला है ! अभी टीवी चालू किया तो देखा की यहाँ अमेरिका में सारे चैनल इसका लाइव प्रसारण कर रहे हैं !
लाइव ब्लॉग - http://ac360.blogs.cnn.com/category/live-blog/
http://www.cnn.com/ पर बाहर निकालने की प्रक्रिया को लाइव देखा जा सकता हैं जहाँ पर एक व्यक्ति को कैप्सूल के अन्दर भेजा गया है ! बहुत ही उच्च तकनीक का उपयोग करके ये सुरंग फंसे हुए लोगों तक बनायी गयी है - मुझे ख़ुशी है के चलो मानव के कुछ अनुसन्धान आज काम आ रहे हैं नहीं तो इन लोगों का बच पाना संभव नहीं था !! हर तरह से इन लोगों का विशेष ध्यान रखा गया - वो क्या खाएं , मानसिक रूप से कैसे स्वस्थ और खुश रह सकें , कैसे एक सामाजिक व्यवस्था अन्दर बनायीं जा सके और कैसे सूर्य जैसा प्रकाश उन्हें उपलब्ध कराया जा सके , इन सब बातों पर विशेष ध्यान दिया गया और साथ ही कैसे एक दूसरे से या अन्दर के वातावरण से दूषित होने से बचा जाये - इन सब बिन्दुओं पर लगातार ध्यान रखा गया !
चलो अब आ रहे हैं वो अन्धकार से प्रकाश की और !!
मंगलवार, 7 सितंबर 2010
वो होंगे कामयाब …
जब मैंने टाइम पत्रिका में कुछ दिन पहले एक लेख पढ़ा तो मैं भय के मारे, घुटन के मारे काँप रहा था, एक सिहरन सी थी शरीर में !
देश – चिली,
स्थान - एक कॉपर और सोने की एक ध्वस्त खदान
इस खदान में कुछ दिन पहले एक हादसा हुआ और अनुमान लगाया गया कि ३० लोग जो खदान में काम करते थे, खदान धसने की वजह से मारे गये हैं, पर कुछ दिन बाद पता चला कि ये लोग २३०० फुट नीचे बने एक चैम्बर में सुरक्षित हैं, १० मीटर
5 मीटर के इस तलघर में जहाँ रोशनी और हवा से दूर केवल ८५ डिग्री फार्नेहाईट का घुटन भरा माहौल है बस !
अब बताया जा रहा है कि ये लोग बाहर निकाले जा सकते हैं, पर इसमें ३ से ४ महीने लग सकते हैं क्योंकि जमीन के अंदर इतना लम्बा सुरक्षित मार्ग उस तलघर तक बनाना एक आसान काम नहीं है। चिली की सरकार और फँसे हुए लोगों के घरवालो के साथ-साथ पूरे विश्व की दुआएं उनके साथ है, ये एक दुर्गम रास्ता है और कठिन समय जिसके सोचने से ही शरीर में कम्पन सा होने लगता है पर फिर भी हौसला कहिये कि अंदर से ६ इंच के एक पाईप से इनके लिए भेजे गये कैमरा में इन लोगों ने जो आत्मविश्वास और जीने की ललक दिखाई है वो मुझे उस महान गाने की याद दिलाती है जो बचपन में हम गाते थे -
‘हम होंगे कामयाब एक दिन -
हाँ मन में हैं विश्वास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन’
रात और दिन, कोई प्रकाश नहीं, कोई मलमूत्र की विशेष व्यवस्था नहीं, और ऑक्सीजन की कमी जो अनेक रोग पैदा कर दे, कुछ लोग डायबिटिक भी हैं तो कुछ लोग दिल के भी कमजोर होंगे, कुछ को परिवार की याद कमजोर करेगी तो कुछ को एक हल्का सा शारीरिक गतिरोध जीने के लिए अवरुद्ध करेगा पर इनकी आशा , हमारी प्रार्थना और ईश्वर की छत्रछाया जरूर इनको बाहर लाएगी।
चलो हम सब इन सबके स्वास्थ्य, मनोबल और जीवन के लिए प्रार्थना करें !!
वैसे तो अमेरिका की गली गली में योग के केंद्र खुले हुए हैं और यहाँ के एकाकी लोग अपने आप को इन केन्द्रों में उर्जा और शांति कि खोज में ले जाते हैं, शायद इनको शांति योग से ज्यादा यहाँ मिलता एक सामाजिक वातावरण देता है, इसी तरह का एक योग केद्र न्यू यार्क में है जहाँ हँस योग कराया जाता है , बोर्ड पर कुछ १-२ मन्त्र लिख दिए और बस् लोग पागल, जैसे हम भारतीय पागल है पश्चिमी सभ्यता के अनुकरण में, वैसे ही यहाँ के लोग इस दिखावी योग से भारतीयता में ढलकर शांति पा रहे हैं!
एक लेख था, दवाईयों की लत के बारे में ! एक माँ जिसके बच्चे को कैंसर थी, एक दवा दी गयी जिसको खाने से उसको आराम मिलाने लगा, शायद कुछ सालों में कैंसर का खतरा कुछ कम हुआ पर उस बालक को दवाई की लत पड़ गयी, और वो फिर उस दवाई या अन्य ड्रगों के लिए परेशान रहने लगा, माँ कहती है कि इससे तो अच्छा कैंसर था कि कम से कम लोग सहानुभूति तो रखते थे, पता नहीं दवाईयों के कुम्भ में ऐसे कितने बालक खो रहे होंगे ! दुनिया में ओवरडोज की वजह से हो रही मौतों कि संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है, ईश्वर रक्षा करे सबकी !
पाकिस्तान के अस्तित्वा को खतरा सा दिखता है हाल में आई पानी और आतंकवाद की बाढ़ से, इस पडोसी को भी ऊपर लिखा गीत गाने की आवश्यकता है और हमें जितनी हो सके इनकी सहायता और प्रार्थना करनी चाहिए, खुद के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आसपास का वातावरण अच्छा होना अनिवार्य है !
